वृश्चिक संक्रांति
सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश। पवित्र स्नान, दान और सूर्य पूजा का दिन।
अगली तिथिसोमवार, 16 नवंबर 202614 दिन बाद
- देवता
- सूर्य
- मंत्र
- ॐ सूर्याय नमः
महत्व
सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश। गहन परिवर्तन और त्याग का समय। यह संक्रांति आध्यात्मिक गहराई और अपनी आंतरिक छायाओं का सामना करने पर बल देती है।
कैसे मनाते हैं
शिव पूजा, मंत्र जाप, अनित्यता पर ध्यान
वृश्चिक संक्रांति — तिथियाँ
- सोमवार, 16 नवंबर 20262026
- बुधवार, 17 नवंबर 20272027
- गुरुवार, 16 नवंबर 20282028
- शुक्रवार, 16 नवंबर 20292029
- शनिवार, 16 नवंबर 20302030
तिथियाँ भारत (IST) के अनुसार हैं। तिथि का समय स्थान के अनुसार बदलता है; तत्त्व ऐप आपके शहर के लिए गणना करता है।
त्योहार से पहले याद दिलाएँ
तत्त्व एक दिन पहले याद दिलाता है, उस दिन का पंचांग दिखाता है और पूजा व मंत्र तैयार रखता है।